क्या तू मुझसे सच बोलेगा
या फिर मुह मोडेंगा
किसिके हिस्से का हक
किसिके हिस्सेमें डाल के
तू ये सोचता है खुदा छोड़ेगा
जूठी है सारी दुआएं
एकदिन खुद ही अपना सर फोड़ेगा
तिजोरियां तो पहलेसे ही खाली थी
अब ये सारा ठीकरा कोरोना पर ठोडेगा
शिखंडी के हाथमे लगाम है
और तू सोचत है घोड़ा तेज दौड़ेगा !
भीख मांग रहा है भिखारियो से
ये राजा है कई रेकॉर्ड तोडेगा
ज़मीर एक जरा सा भी नही
रोकता तुजे?
कब तू ये हरकत छोड़ेगा ...
सजा भी मिल सकती है
सच बोलनेकी तुजे ' रजनेश'
फिरभी में जानता हूं
तू सच ही बोलेगा...