शांतिपूर्ण ढंग से जीना
जाने मानव कब सीखेगा
खुद भी जीना सीखेगा
औरों को जीने देगा
जहर घोल कर हर शै में
खुद को धोखा देता है
सर्वश्रेष्ठ कहता है खुद को
किसको धोखा देता है
मिट जायेगा एक दिन तेरा
नामो-निशान जहाँ से
वक्त अभी है संभल जरा सा
रह शांतिपूर्ण ढंग से ****