भोर भए उजियारा छाए
अंधकार जाकर छुप जाए
ऊषा की किरणें निहारकर
कमल पुष्प खिलकर हर्षाए
सुप्त प्राण नव जीवन पाकर
फिर से वो चेतन हो जाएं
है प्रकाश सद्गुण का नाम
हर अच्छाई इसके नाम
ज्ञान का दीप करे आलोकित
तीरथ हो जाए चारो धाम
हो प्रकाशमय जीवन अपना
सच हो जीवन का हर सपना
जीवन के पहलू दो होते
कुछ हंसते है तो कुछ रोते
कुछ के जीवन में प्रकाश है
तो कुछ जीवन से निराश हैं
तम का यदि अस्तित्व न होता
प्रकाश का भी महत्व न होता
#प्रकाश