बिछड़ने से जरा पहले
कुछ कह जाना
कुछ सुन जाना
दे जाना सपनों का सागर
मिला जाना प्रीत की गागर..!!
चुपके से छू लेना हाथों को
भर देना एहसासों से बातों को
सुनो,
आओ जब मिलने आखिरी बार
मत लाना बाँधा समय साथ !
घंटों मिनटों में मत बाँधना
सहेज यादें ले जाना साथ..!!
कुछ यूं देखना
कि वक्त भी रुक जाए
तुझ में मैं और
मुझ में तू दिख जाए
न मिलकर भी
मिलने का हो एहसास
डोर छूटे भी तो
बाँधे हमे अटूट विश्वास..!!
©️ Vaisshali