साथ बरसो से हो मगर, हो नहीं,
मिले तो बहुत बार मगर मिले नहीं
कहीं रास्ते बहुत थे तेरे मेरे घर से
पर जान सके ऐसे निकले नहीं ,
तेरे मेरी नजर बहुत बार लड़ी,
पर कभी ध्यान से देखा नहीं,
ताज्जुब है कि कभी बात हो सके
पर कभी बात हूवीं नहीं,
❣️PYAR KA EK AHESHASH ❣️