चुपकेसे देखना,पलके झुकाके हँसना
इसे में क्या समझू कोई इशारा तो दोना
रूबरू मिलो तो दिल लगता है धड़कने
ओठों पर ही रह जाते है दिल के फसाने
बहकी बहकी धड़कन है
ये कैसी उलझन है
दुरसेही निहारना, कैसा है ये अफसाना
इसे में क्या समझू कोई इशारा तो दोना
तुम तो कभी कहदो जो कहना है मुझको
कब तक अंजनोसा यूँ ही रहना है हमको
दिल भी सलाह नही दे रहा
वो भी बेखुदी में जी रहा
बेहाल क्यू रहना,जुदाई कबतक सहना
इसे में क्या समझू कोई इशारा तो दोना
Sagar...✍️
Fallow Me...💝