तिल- तिल बढ़ना
हर कोई चाहता है बढ़ना
धरती - आकाश और ब्रह्मांड
रोक नहीं पाता वक्त भी
किसी को स्वयं से
किसी को सहारे से
बढ़ा ही देता है
अपने अबूझ इशारे से
बीज का अंकुरण
अंकुरण से पादप
पादप से वृक्ष
वृक्षों से वृक्षों का मिलन
हरियाली युक्त धरती का आवरण शुद्ध जल
स्वच्छ हवा
सुंदर सुखद पर्यावरण
तिल तिल बढ़ना
नूतन भविष्य का गढ़ना
-शिव सागर शाह
#बढ़ना