सिनेमा में पांच बड़े बदलाव आए-
1. सुरीले संगीत की जगह सिचुएशनल संगीत ने ले ली।
2. नृत्य से शास्त्रीयता हटने लगी।
3. कथानक की रंजकता तार्किकता में बदलने लगी।
4. नकारात्मकता पारदर्शी होने लगी।
5. सिनेमा देखने वालों और सिनेमा बनाने वालों की आंख का पानी उतरने लगा।
इस तरह हमारे फिल्मकार 'गुडविल' की जगह पैसा कमाने में उलझने लगे।
जिस दौर को "गोल्डन एरा" कहा जाता था वो बीत गया।