जहां में आज हर कोई बिकने को है तैयार
कीमत सही मिले तो वो ज़मीर बेच दे
सब कुछ लुटा के प्रीत लगाई थी सनम से शर्मो हया को बेचकर कीमत वसूल ली
माता पिता के स्नेह को करके नज़रंदाज़
ताउम्र तरसते हैं उस अनमोल प्यार को
रसभरी ये जिंदगी सदा गर रहे सलामत
माता पिता के आंसू का कारण कभी न हों
जीवन की सुगम राह की बस इतनी सी कीमत
कांटे चुने थे राह से या बगल से गुजर गए
अपनों के प्यार की कीमत चुका सकता नहीं कोई
कई बार जन्म लेकर भी उऋण हो नहीं सकता
माटी का कर्ज है सदा ये सोचकर जिएं
मिट जाएं कई जन्म मेरे देश के लिए
#कीमत