ये कौन सज्जन हैं भई...इनको क्या तकलीफ है😜🤷🏼♂️
वो किसी को भी गाली दें, बलात्कार करें या जला के मार दें क्या मतलब।
और वैसे भी आजकल गाली गाली नहीं आत्माभिव्यक्ति का एक साधन है और आज के समाज की संस्कृति का अभिन्न अंग। तेरी माँ का******, तेरी बहन का******, यह सब तो घर-घर की कहानी है। मां-बहन इसीलिए हैं घरों में। कभी सुना है किसी ने तेरे बाप का *****, तेरे भाई का***** ऐसी किसी गाली का अविष्कार किया हो🤷🏼♂️🤷🏼♂️
- सिराज अंसारी (सिर्फ आज का मंटो)