हकीकत नही वो ख्वाब जैसी है ,
वो लडकी एक दम गुलाब जैसी है ...
मिट जाती सारी तन्हाई जिसे देखकर ,
वो लडकी कुछ-कुछ शराब जैसी हैं ...
सौ जाता हु हर रोज जिसे मे पढ़ते-पढ़ते ,
वो लडकी उड पसंदीदा किताब जैसी है ...
मेरे शहर से मेल खाता है मिजाज उसका ,
वो लडकी बिल्कुल नवाब जैसी है...!!!