जीवन में सफल होने का रहस्य
कोई मनुष्य इस धरती पर पुर्ण नहीं है
मनुष्य का काम है कुछ न कुछ शिखना
मनुष्य जीवन भर कुछ न कुछ शिखाता
रहेता है कुछ खुद शिखाता है कुछ दुसरो
से शिखता है और कुछ भी शिखने में गलतीयां
होती रहेती है हमे कुछ गलतीयां का पता खुद
लगता है और कुछ गलतीयां हमें दुसरे बताते हैं
मनुष्य से गलतीयां स्वाभाविक होती है पर उन
गलतीयां को हमें जो हमारा हितेच्छु होता है वही
बताता है इस लिए हमारे किये कार्य में गलतीयां
दिखाने वाले व्यक्ति का शुक्र और आदर करना चाहिए
और हमे अपनी गलतीयां का स्वीकार कर के हम से
हुइ गलतीयां को सुधारने से हमें हमारे कार्य में सफलता
मिलती है और हमारे अंदर कार्य कुशलता बढती है
यही है सफलता का मूल मंत्र मूल रहस्य
Anil Mistri