तेरी गोदी में सोता हुआ में पला,
मुझको जगाने की जाने है बस तू ही #कला ।।2।।
तेरे लिए ही तो में फूल बनके खिला,
तुझसे मिलके ही तो में दुनिया से मिला।
तुमसे ही तो धड़के मेरा जिया,
तुम ही से जले मेरे घर का दिया।
मैं तेरे आँचल के पिंजरे में घिरा,
संभाला तूने ही जब मैं गिरा।
खुदा से भी माँगू में तेरा ही साथ,
सातो जनम में पकड़ लू बस तेरा ही हाथ।
देदे मुझे तू जीवन बख्शीश,
तेरे आगे ही झुकाऊँ माँ में अपना ये शीश।
तेरी गोदी में सोता हुआ में पला,
मुझको जगाने की जाने है बस तू ही #कला ।।2।।
#कला