लहर लहर लहराती हवा,
गीत सुखाने गाती है
कानो मे ये आके कहती ,
मंजिल अभी बाकी हे।
जब मे रुकता हु, भागता हु गिरता हु
तो कहेती हे, खडे हो ओ मुसाफ़िर।
मंजिल तेरी बाकी हे ,मंजिल अभी बाकी है।
लहर लहर लहराती हवा............
छुपके आके कानो फे पास,
बेठा था जब मे जब चुप होके, खुद के पास।
पास आकर वो बोली, क्यू बेठाहे खामोश अकेले
अभी आवाज बनकर उडना बाकी हे।
लहर लहर लहराती हवा .......
बैठा था मे जब खुद के साथ ,
अंदर से आई एक आवाज़, मंजिल तो हे मेरे पास
बस रुक के भागना, गीरके उठना हे मुजे
मंजिल मेरी क्या हे, यही तो ढूंढना हे मुजे
बस यहि तो बोलने आई हवा।
लहर लहर लहराती हवा गीत,
सुहाने गाती हे।
कानो मे ये आके कहती
मंजिल अभी बाकी है।