बेवज़ह छोटी छोटी बातों पे अक्सर वोह नाराज हो जाती है,
उनकी हर नाराजगी की वजह भी मेरे लिए राज हो जाती है ।
बहुत कोशिश करती है वोह खुद को रोक के रखने की पर,
हमें देखते ही छलकती हँसी से सुलह की आगाज हो जाती है ।
निखालस
यह अधूरी कविता खुद कवि की आवाज में पूरी सुनने के लिए 👇
https://youtu.be/z8seC_JDelY