नही तुम्हारी, नही हमारी
हम सब की है ये दुनिया
न तुमसे, न हम से
हम सब से है ये दुनिया
फूलो से खुशबू, जल से जीवन
पवन से लहरा रही ही दुनिया
थोड़ी खुशी, थोड़े गम
हर पलो का एहसास है ये दुनिया
न कुछ तेरा, न कुछ मेरा
उस निराकार की रचना ये दुनिया
पंछियो की कलरव, शेरो की दहाड़
हर जीव में जीव है दुनिया
आओ मिलकर एक जुठ होकर
अदा कर फर्ज अपना
न तेरी, न मेरी
हम सब की है ये दुनिया
#World