#आश्चर्य
मुख़ालिफ़ को देख आश्चर्य होता हैं
न जाने किस मिट्टी का बना हैं
कहते है इश्क़ और जंग में सब जाहिज़ हैं
पर इस में इबादत वाला सहूर लाऊँ कैसे
सब से जिहाद कर खलीफा बना हैं
पर इस के दिल को मसीहा बनाऊ कैसे
बैरी का बैर जान अचरज होता हैं
मीर बन उसे अपना मुरीद बनाना हैं
- कुमार