⚰️आ अपणाले मुझे.....मै हू मौत तेरी।⚰️
है चल पडे हे जिस राह पर....
न चाहते भी हे मगर.....
ले जाती हे उसके करिब...
जब दे इशारा बेबस नसीब।
न देख सके हे, न सोच सके हे...
न आगे क्या तेरी जिंदगी....
जो पल दिये थे तुझे जिने...
जी चुका तू वो सभी।
ले जायेगी तुझे अपणे साथ....
गौर से देख अपणे हात....
मिट चुकी हे वो लकीर...
जो हे जिंदगी की जनजीर।
आ अपणाले मुझे....
मै हू मौत तेरी।
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