सही मायने में
मेरे वसंत तुम हो
हाँ तुम हो
तुम्हारे आने से भी तो
गीली मिट्टी सी सुगंध आती है
निखार आता है जैसे
शाखा पर नई कोंपल से
ठीक वैसा ही मेरे जीवन की
हर शाखा पर बाहार
आती है
जिस तरहा सरगम गातें हैं
पँछी मगन होकर
मेरे मन की कोयल भी
सुर लगाती है
सही मायने में
मेरे वसंत तुम हो
#वसंत