दिन दिया और चिराग में हो गई लड़ाई
लड़ाई इस बात की कि मैं घर का चिराग चिराग हूं मैं वंश को करता हूं दीया ने कहा मैं भी तो घर को करती हूं रोशन चाहे वह मायका हो या ससुराल चिराग से दोनों से होता रोशन ग है चिराग ने कहा तुम्हारा जीवन तो है कारवां आज यहां तो कल वहां परंतु मैं तो चिरस्थाई रूप से अपने घर को रोशन कर लूंगा इसलिए मेरा वर्चस्व तुम से कहीं ज्यादा है दोनों की बहस खत्म होने का नाम नहीं ले रही थी उसी समय एक स्त्री वहां आई उसने कहा दिया और चिराग दोनों समान है दोनों एक गुलशन क के कमल और गुलाब जैसे चिराग को चलाने के लिए बाती की जरूरत पड़ती है वैसे चिराग को जन्म देने के लिए दीया महत्वपूर्ण होता है
#चरण