आज के युग की वास्तविकता
मनुष्य की आज जरुरीयातो से ज्यादा इच्छाऐ बढ गई है
दुध, माखण और अन्न से ज्यादा लालि, लिपस्टिक क्रिम पावडर और कपड़ो का फालतू खर्च बढ गया है
आज के युग में व्यवहार कम हो गये है और सब का अभी
होटल, रेस्टोरेंट, सिनेमा का फालतू खर्चा बढ गया है
आज के युग में महेनत करने का तरीका बदल गया है
कम्प्यूटर, मोबाइल, गाड़ी बंगला का खर्चा बढ गया है
आज के युग में घर काम करने का तरीका बदल गया है
जिम, जोगिंग डान्स, संगीत का ऐक बहाना बन गया है
आज के युग में जीने का हरेक का अंदाज़ बदल गया है
जुठे दिखावे की दौड़ में सब का फालतू खर्चा बढ गया है
सयुंक्त परिवार के साथ रहने का सब तरीका बदल गया है
सिर्फ खुद के बारे में सोच ने का सब का अंदाज़ बन गया है
आज के युग में मानव का मानव के प्रति व्यवहार बदल गया है
अपने पराये का भेद ये आज सब का विचार बदल गया है
Anil Mistri