सुनो! अन्नू अवस्थी नहीं बोल रये हैं...
बहुत देर से देख रहें तुम लोगन की कारस्तानी।
अरे भईया! तुम मोमबत्ती, दिया टोर्च, पटाखेन अटाखेन पर ज़्यादा ज्ञान मत पेलो...
हाँ तो क्या हुआ उन्होंने मोमबत्ती ओमबत्ति, दीये, टोर्च के साथ ताली, थाली और पटाखे छोड़े। वो बम्ब छोड़े, आगी लगाएं तुमसे का मतलब हो।
तुमाए बाप का क्या जाता है फोड़े अपने फोड़े, तुमाए पेट मे काहे खौलन पड़ रही। देखो भसड़ न फइलाओ। कायिदे से रईलो। वो त्योहार मनाएं मनान देओ। तुम चुप्पे बईठो अपने घर में। लॉक डाउन चल रहा है लेकिन तुम निकलउगे ज़रूर। तुम्हें जहर की पुड़िया लेनी है कमलापसंद। अरे मरनई है तो कोरोना ओरोना से काहे मर रये हो। भुखमरी से मर जाओ। छुट्टी पाओ। धरती के बोझ बने हौ बस। काम के न काज के-दुश्मन समाज के।
फिर से बताए दे रहें चुप्पे से घर मा बईठौ और सहयोग करौ अपने परिवार का, समाज का, देस का। जादा काबिल न बनेउ।
अन्नू अवस्थी नहीं बोल रहे हैं...
जय हिंद🇮🇳
(फरमाइश पे ऑडियो भी मिल जाएगा😜)
धन्यवाद
-सिराज अंसारी