एक 8 वर्षीय बच्ची नाम नेहा,
नेहा अपने मम्मी पापा के साथ पार्क में घूूूमने गई,वहां और भी बच्चे अपने माता पिता के साथ पार्क में घूूूम रहे थे,नेहा की नजर उस पार्क के पास पेड़ के पीछे बैठी एक उस लड़की पर पड़ी जो उसके उम्र की ही बच्ची पर पड़ी,वह बच्ची उन सभी बच्चों को देख रही थी,जो अपने मम्मी पापा के साथ पार्क में घूूूम रहे थे,नेेेहा ने अपनी मम्मी से पूछा,,मम्मी वह लड़की अकेले क्यों बैठी है, नेेेहा की ने कहा चलो बेटा उससे पूछते हैं,नेेेहा अपनी मम्मी के साथ उस लड़की के पास गई,नेेेहा ने उस लड़की से पूछा तुम अकेले क्यो बैठी हो,उस बच्ची ने कहा मेरा कोई नहीं हैं मै अकेली हूँ, मेरा कोई नहीं हैं, तब नेहा के मन में यह भाव आया कि क्यो न यह मेरे साथ चले,और तब नेहा ने अपनी मम्मी से पूछा कि मम्मी हम इसे अपने घर ले चलें, मैं इसे अपनी बहन बनाना चाहतीं हूँ,
एक मासूम सी बच्ची के मन का पावन भाव था,
नेहा की मम्मी ने नेहा के पापा से बात की उस बच्ची को गोद लेने की बात कही तब नेहा के मम्मी पापा ने नेहा से कहा अगर तुम्हारी यही इच्छा है तो हम तुम्हारी यह इच्छा जरूर पूरी करेगे,
इसके बाद नेहा के मम्मी पापा ने उस लड़की को गोद लिया, उसका नाम निहारीका रखा,
आखिरकार नेहा को उसकी प्यारी बहन निहारीका मिल गई, और दोनों बेहने प्यार से रेहनेे लगी।
#भावुकता