****कोरोना संकट और हमारा गांव****
कोरोना संकट को देखते हुए हमाये गांव में मास्क तथा सैनिटाइजर चीन से पहले बाँट दिए गए थे। और इटली में कोरोना फैलने पहले पहले गांव के प्रत्येक गली मुहल्लों में एहतियात के तौर पर ताली, थाली भी बजवा दी गयी थी। घी के दिये रोज़ जल रहे हैं लगातार बिना नागा किये। कोरोना ने फड़फड़ा के दम तोड़ दिया जब इतनी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखी। लोगों ने दरवाज़ों पर "गो कोरोना गो" तथा "कोरोना भाग जा" जैसे नारे स्लोगन लिख रखे हैं। काफी फायदा हुआ है अभी तक। गांववासी लट्ठ लिए बैठे रहते हैं गेट के बाहर छिपकर, ताकि जैसे ही कोरोना दिखे और उस पर गोरिल्ला रणनीति से आक्रमण कर दिया जाय। बहुत जागरूक हैं ग्रामवासी। कोई भी खबर हो या कोरोना की नई दवा। सबसे पहले उन तक पहुंच जाती है गोदी मीडिया के ज़रिए। वो अलग बात है कि वो न्यूज़ गोदी मीडिया के 'संडास' में बैठ कर लिखी गयी हो या 'खुल्ले मैदान' में।
अब देखो भईया कोरोना को हराना है तो घर में रहिए और ताली, थाली पीटिए लेकिन सम्भाल के । कहीं भौजी आपकी सूजी में मैदा डाल के हलवा न बना दें। और हां दीये भी जलाइए लेकिन अपनी और देश की अर्थव्यवस्था देख कर। क्योंकि अभी और बहुत से प्रोग्राम बाकी हैं😂
अपना ख्याल रखिये न रखिये...लेकिन हमाये भतीजे/भतीजियों और भौजी का ख्याल रखिये और 5 तारीख को ज़रा एक टोर्च अपने/अपनी वाली पे भी मार लियो पलट के...कहीं एक और चिराग रौशन हो जाये😜🙏🙏🙏