मिथिला की राजकुमारी थी लेकिन पतिकी जीवन साथी थी ,
चाहती तो महल मे रानी बनकर रह शक्ति थी,
फिरभी पति के साथ वनवासी जीवन चुना था ,
पति से दूरी किस्मत मे लिखीं थी इसलिए तो रावण ने हरण किया था ,
पतिव्रता थी फिरभी अग्नि परीक्षा देनी पडी थी,
अग्नि परीक्षा दे कर भी अपमानित होना पडा था,
अयोध्या की रानी को फिर से पति से दूर होना था,
वन मे लव कुश को जन्म दे कर अपना दायित्व निभाया था,
बच्चों ने मा को पवित्र साबित कर रानी का मान दिलाना था,
खुदको पवित्र साबित करने धरती मे समाना था,
क्योंकि अपने साथ हर स्त्री के सम्मान को बचाना था ,
पतिव्रता, स्वाभिमानी माता सिता अयोध्या की #रानी थी।
#रानी
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