समुद्र में आया एक तूफान
लहरें रही थी डगमगा
चट्टानों को दे रही थी पटक
नौका को दे रही थी खुद
समा मछली गई थी डर
ये समुद्र को क्या हुआ
तभी समुद्र ने कहा मै
सिखा रहा हूं सबक
अब भी समय है यू
ना तू भटक मानव कभी
सुनामी तो कभी आएगा
कोरोना पूरी मानव जाति
को चंद दिन में देगा मिटा
और हो भी रहा मै भी प्रकृति
का ही एक अंश अगर सृजन
कर सकता हूं तो आता है
मुझे नरसंहार करना भी
अभी है वक्त तू जा संभल
प्रकृति की जीवन की
गुरवत्ता तू अब तो समझ
#गुणवत्ता