कुदरत ने लिया प्रतिशोध
दोष दे रही है करो ना को
प्रकृति क्या है
उसका योगदान है क्या
पहले यह समझो
जन्म से लेकर मृत्यु तक
मैंने प्रकृति को ही पाया
सर्वप्रथम लकड़ी के झूले में
अंत में लकड़ी से बनी मृत्यु शैया
यहां तक कि शव को जलाने में भी
प्रकृति ने दिया साथ आग भस्म किया
मूलभूत वस्तु प्रकृति की देन
हमने बस लेना ही सिखा
पेड़ों को काटकर बना दिया मकान
हवा हवा में भर दिया जहर
जल भी ना रहा हम से अछूता
प्रकृति के पास बचाना विकल्प
भेज दिया सबक देने को करो ना
नाम भी तो देखिए जरा
अगर सारथी सार्थक रूप में देखे तो
करो ना का अर्थ शायद निषेध है
प्रकृति को दूषित ना करो ना
स्वच्छता का ध्यान करो ना
भारतीय संस्कृति को जागृत करो ना
ऊंच-नीच भेदभाव ना करो ना
भाईचारे से रहा करो ना
शाकाहार भोजन करो ना
#सवाल