गरीबों को देखो और देखो कि वे किस तरह अभाव के बावजूद जीने का साहस बनाये हुए हैं। सोचो कि अगर हमें उनकी जगह जीना होता तो क्या उनके जितना साहस का परिचय दे पाते? इस प्रश्न के उत्तर की खोज करो। तब आपकी सोच उस ओर ले जावेगी जहाँ आपमें गरीबों के प्रति दया ही नहीं, सम्मान की भावना जाग उठेगी।
..... भूपेन्द्र कुमार दवे