कुछ कुछ बाते आज भी उसकी अंजान सी क्यों है
दुर है मुझसे फिर भी वो पास सी क्यों है
ना मिल पाए कोइ जवाब ऐसी सवाल सी क्यों है
बिना वजह सोचता रहूं ऐसी खयाल सी क्यों है
विरान जहान मे फेहलि उसकी खुशबू सी क्यों है
कोइ नहीं मेरी वो फिर भी ख़ास सी क्यों है
कोइ राम नहीं उसका यहां फिर वो सीता सी क्यों है
दर्द के समुंदर में वो केद सी क्यों है
कुछ कुछ बाते आज भी उसकी अंजान सी क्यों है
दुर है मुझसे फिर भी वो पास सी क्यों है।।
हार्दिक rajput
#सवाल