सुनना तलबगार है इस कदर तेरी यादों के
देखना न खोजे हमने मायने फिर जज़्बातों के
सुनना जरा सा भी इल्म नही तुजे खोने का
देखना इस कदर हमने किया सौदा वफ़ा का
सुनना हरदफ़ा तुही जीते ये जरूरी तो नही
देखना पर तुजसे जितने की हमे चाहत नही
सुनना तेरे वजूद का खामियाजा भले भुगते
देखना तुजसे इश्क फरमाना कभी न चूकते
सुनना है बहद इश्क़िया तेरे मेरे दरमियां
देखना फिर जाने क्यू तूने परदा कर लिया
सुनना न मिल सका कोई मर्ज इस दौरान माना
देखना तेरे मिलने से ही हुवा दफा हर दर्द जाना