"बड़ी मुश्किल है खोया मेरा दिल है कोई उसे ढूंढ के लाए ना जाकर कहां में रपट लिखा हूं"
अभीजीतादा का गाया हुआ सुंदर गाना और समीरजी ने उसे लिखा है।
आजकल के आधुनिक युग में कुछ मोहब्बत की परिभाषा ही बदल दी है। मोहब्बत क्या है वह कैसा एहसास है जन्म से लेकर मृत्युतक का एक ऐसा पल जिसे हम भूल नहीं सकते।युग में लड़कियों को अपमानित किया जाता है कभी एसिड अटैक होता है। सब जगह जलील किया जाता है। दोस्तों मोहब्बत यह नहीं है मैं आपको यह कविता के माध्यम से समझाना चाहता हूं।
मोहब्बत वह नहीं थी दोस्तों ?
मोहब्बत एक पल नहीं अंतिम पल तक का एहसास है, उसका ॠण हम कभी ना चुका पाएं ऐसा रिश्ता है अनमोल है था और रहेगा ।
मोहब्बत वह नहीं थी दोस्तों ?
एक छोटा सा निवाला खिलाने के लिए मा तन्हा तन्हा रहते थे कभी इधर कभी उधर भागा दौड़ी करती थी, थक जाती थी हमसे फिर भी भागा करती थी, आज मेरे लाल ने कुछ नहीं खाया बस सबसे शिकायत किया करती थी
मोहब्बत वह नहीं थी दोस्तों ?
बचपन में जब स्कूल नहीं जाना था तब हम अम्मा के पीछे छुप जाते थे और मुस्कुराए चेहरे अम्मा मना कर देती आज मेरा लाल नहीं जा एगा अम्मा बस इस बात पर हम खुश हो जाते
मोहब्बत वह नहीं थी दोस्तों ?
उंगली पकड़ के जिसमें चलाया वह पिताजी का नाम था मेरा बच्चा सबसे आगे रहे वह है उनका वह ख्वाब था, मेहनत के एक एक हिसाब से उन्होंने खूबसूरती हमें को जोड़ा था ।
मोहब्बत वह नहीं थी दोस्तों ?
सुनी कलाई पर अक्सर बहना राखी पर रक्षा बंधा करती थी मेरा भाई एक वीर हो उसकी दुआएं करती थी, अक्सर भाई हमारे साथ सदैव
खड़ा रहता था हमारा एक सुंदर परिवार था।
मोहब्बत वह नहीं थी दोस्तों ?
दुनिया में बड़े होते मोहब्बत का मतलब ही हम भूलगए वह हमारी थी, हमारी ही रहेगी, बस वही याद था पर सच्चे दिल से आप सोचो स्त्री का मान रखना हम भूल गए कभी ऐसीड डाला ,कभी बलात्कार, आत्महत्या नारी को पल पल हम नारी को तड़पता देखते हैं
मोहब्बत वह नहीं है दोस्तों ?
मोहब्बत वह है कि जिसमें आत्मसमर्पण कर्तव्यनिष्ठा त्याग की भावना है जिंदगी में
महसूस किया जाने वाला अंतिम पल तक
का एक मीठा एहसास हमेशा जिंदा रहेता है ।