आप सभी दोस्तों को नमस्कार
दोस्तों कल सुबह 6:15 पर फिर मातृभारती आपके लिये हमारी एक और कहानी लेकर आ रही है 'साँझ का साथी'। यह कहानी एक पिता और बेटी के मार्मिक संवादों पर आधारित है। कहानी में ऐसे अनछुये पहलू देखने को मिलेगें जो भावुकता की कड़ी हैं। आप सभी मित्र पढ़े। 'साँझ का साथी'
छाया अग्रवाल