Hindi Quote in Quotes by ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़

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आज की सुंदर सभी को जागरूक करती हरबंस राय बच्चन की एक सत्य
कविता जो आज कोरोना के लिए शायद उन्होंने लिखी थी... ब्रह्मदत्त
यह कविता हरिवंश राय बच्चन की यह दर्शाती है कि उनको काफी
दिन पहले यह संकेत था कि एक ऐसी बीमारी आएगी जिसमें ।
सबको अपने घरों में रहना पड़ेगा ब्रह्मदत्त त्यागी
हरिवंश राय बच्चन की प्रसिद्ध पंक्तियों की प्रेरणा से आज के परिपेक्ष्य में आप |
सभी से निवेदन,.. शायद हरिवंश राय बच्चन ने यह पंक्तियां आज आने वाले
समय कोरोना पर काफी समय पहले सोच समझ कर लिख दी थी... ब्रह्मदत्त
शत्रु ये अदृश्य है
विनाश इसका लक्ष्य है
कर न भूल, तू जरा भी ना फिसल
मत निकल, मत निकल, मत निकल
हिला रखा है विश्व को
रुला रखा है विश्व को
फूंक कर बढ़ा कदम, जरा संभल
मत निकल, मत निकल, मत निकल
उठा जो एक गलत कदम
कितनों का घुटेगा दम
'तेरी जरा सी भूल से, देश जाएगा दहल
मत निकल, मत निकल, मत निकल
संतुलित व्यवहार कर
बन्द तू किवाड़ कर
घर में बैठ, इतना भी तू ना मचल
मत निकल, मत निकल, मत निकल
अनुरोध कि जन चेतना हेतु जब तक यह दावानल थम न जाए, पंक्तियों को ।
अग्रसारित करें ताकि हम कोरोना को हराने में सक्षम हो प्रस्तुति ब्रह्मदत्त त्यागी।
हापुड़।।।
जय हो ।

Hindi Quotes by ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ : 111379551
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