#अतीत
आज फिर बन्द आंखों से
तेरा दीदार करते हैं
आज फिर अपने अतीत को
याद करते हैं
भूल न पाए कभी तेरी बातें
तेरी हसरतों को याद
आज भी करते हैं
कल तूने चाहा था मुझे
आज हम तेरे अहसासों को तरसते हैं
तेरा प्यार तेरी चाहत
कुछ इस तरह बसी है मुझमें
कि चाह कर भी हम
अतीत से बाहर नहीं निकलते हैं