मेरी ज़िंदगी एक रंगमंच है क्योंकि मे पेदा हि विश्व रंगमंच के दिन पे हुइ थी...ओर इस रंगमंच को आज 22 साल खत्म हुए जिस्के थे कुछ खास किरदार कुछ खास कहानीया...
इस साल हालाकी कुछ किरदार नए आए पुराने आधे छुटे...
एक साल ओर बित गया कहानी आगे बढ़ती रही...
आज सबने उम्दा शब्दो मे इस धरा पे हमारे अवतरन को नवाज़ा,
लेकिन ये बात अलग है कि ये सारि बाते काल्पनिक थि वास्त्विकता ओर कोइ भी जीवित या म्रुत व्यकती से कुछ लेना देना नही था...
digits हमारे जिवन मे कितना महत्व रखते है marksheet or salary मे बढ़ जाये तो खुशी दुगनी कर देते है लेकिन उम्र को बढ़ा दे तो दुखी? क्यों?
किस बात का सोग करु मै, मुजे जिंदगी मिली इस बात का या हमउम्र लोगो से अलग अतुली हू उस का...
छोडो जश्न मनाओ यारो...
हर चिज़ मे drama डाल देना आदत है but i write to express not to impress!