संकल्प
‘संकल्प’, यह शब्द आपने जरूर सुना होगा | इस शब्द से मिलता जुलता शब्द है ‘कसम’, हम इसका लगभग रोजाना किसी न किसी रूप में प्रयोग करते ही रहते हैं | जैसे ‘कसम खाओ कि तुम ये काम नहीं करोगे’ |
आध्यात्म भी कहता है और हमारी आज की साइंस भी कहती है कि जब हम किसी ख़ास बात या काम को रोकने की कोशिश करते हैं या किसी नई बात या काम को करने की सोचते हैं | तब हमारा पूरा शरीर या मन उस बात या काम के विरोध में जुट जाता है | क्योंकि हम उसे उपरी सतह यानि सोच से शुरू करते हैं |
हमारा शरीर हमेशा एक-सा चाहता है | जैसे आप यदि व्यायाम शुरू कर दें तो आपके शरीर के लिए यह नया काम है | वह इसे रोकने में लग जाता है | आप कोई नई चीज खाते हैं तो आपका शरीर उसे पचाने में समय लगाता है |
इसके बिलकुल विपरीत आपका मन हमेशा नया चाहता है | वह हर रोज नया खाने को, नई जगह जाने को या कुछ नया करने को कहता है | मन बड़ी जल्दी किसी भी बात या काम से ऊब जाता है | यही कारण है कि नई चीज खाने पर आपकी जुबान को तो बहुत स्वाद आता है लेकिन आपके शरीर को वह ज्यादात्तर पसंद नहीं आती है |
अब हम वापिस अपने शब्द ‘संकल्प’ पर आते हैं | संकल्प यानी प्रण, चित्त की दृढ़ता या ठानना आप किसी भी तरह इस शब्द को समझ सकते हैं | लेकिन इस शब्द का मतलब सिर्फ इतना है कि हमें करने या करने को अपनी याददाश्त पर अंकित करना है | ताकि वह काम या बात हमारी रोजमर्रा की जिन्दगी में बिना किसी परेशानी या मेहनत के स्वंयमेव ही जुड़ जाए |
संकल्प करने के लिए हमें अपने मन और शरीर दोनों को समझाते हुए नए काम या बात को अपनी यादाश्त पर अंकित करना होता है | इसके लिए आपको अपने मन और शरीर से लड़ने की भी जरूरत नहीं है | आपको रोज सोने से पहले सिर्फ़ पाँच मिन्ट के लिए लम्बे साँस लेते हुए जो भी काम करना है या नहीं करना है उसे बोलना है | यह आप लेटकर या बैठ कर किसी भी तरीके से कर सकते हैं | आप धीरे बोल कर या तेज बोल कर भी कर सकते हैं | लेकिन यदि आप मन में ही बोल कर करेंगे तो इसका असर दोगुना हो जाता है | आप लग्न और ख़ुशी से ऐसा करेंगे तो अवश्य ही दो-तीन दिन में आपको इसके परिणाम दिखने लगेंगे |
संकल्प लें कि ‘बहुत जरूरी होगा तभी बाहर निकलेंगे’ | ‘हाथ बार-बार धोएंगे’ | ‘बाहर निकलने पर एक से दो मीटर की दूरी बना कर रखेंगे’ | ‘अफवाहों पर ध्यान नहीं देंगे और न ही फैलने देंगे’, आदि... |
ऐसी महामारी के समय में आप ये खुद भी करें और अपने बच्चों को भी करवायें | ताकि हम सब इस महामारी से अपने आपको बचा पाने में सफ़ल हो जाएँ |