"कैसा लगता है?"
धरती पूछती है..
किए हैं जुल्म मुझ पर ना जाने कितनी बार, अब एक virus से आयी है जान पर बात.
कैसा लगता है??
हवा पूछती है..
किया है प्रदूषण बार बार लगातार, अब चैन की साँस भी लेना मुश्किल हुआ है..
कैसा लगाता है??
जंगल पूछता है..
ए शहर तुमने छीने थी मेरी आबादी, आज सुनसान होकर..
कैसा लगता है???
जानवर पूछते है..
करते थे कैद तुम शौक से मुझको, अब खुद ही के घर मे हो कैद..
कैसा लगता है?
इंसानियत पूछती है..
बहोत कि तुमने धर्म राजनीति और व्यापार,
अब तो सिर्फ घर ही बचा है..
कैसा लगता है??
Written by
Nish.
Follow कर लो.. घर पर रहे, सेफ रहे..