कोई भी इंसान परिपूर्ण नहीं होता.. इस धारणा से संबंधित एक सच यह भी है कि हम अपनी पसंद और नापसंद के अनुसार किसी के लिए अपनी धारणा बना लेते हैं और इसी धारणा पर उसके व्यक्तित्व को सर्टिफिकेट देने का बेवजह अधिकार मान बैठते हैं.. इस आदत से छोड़कर अपने आप में सकारात्मक बदलाव की कोशिश करती रहनी चाहिए.. अर्थात परिपूर्ण जैसे शब्दों के चक्रव्यूह में बिना फंसे अपने व्यक्तित्व को तराशने और कुछ नया सीखने की कोशिश होती रहनी चाहिए..!!
#परिपूर्ण