सुप्रभात
कुण्डलिया छंद
कोरोना का चल रहा ,कितना मुश्किल दौर!
हॅंसी- ठिठोली छोड़कर, करना सारे गौर!
करना सारे गौर , आज बाहर ना निकलें!
आकर प्रलोभन में, महाशय ज़रा न पिघलें!
सुमन रही समझाय, खूब हाथों को धोना
जीते भारत देश , हार जाए कोरोना !!
सीमा शिवहरे सुमन