कुछ भी करो, अच्छा करो, बुरा करो, सच बोलो, झूठ बोलो, किसिको मारो या खुद मार खावो l किसिने देखा या ना देखा हो इसकी रिकॉर्डिंग हो जाती है, जैसे के आप केमेरा के सर्वेलांस मे हो यांनी कर्म बंध जाते है l और उसका हीसाब भी होता है जो चुकाना ही है गलत नही हो सकता क्यो की एहसास तो है इस लिये धार्मिक स्थलोका आसरा धुंडते है शायद हमने आजमाया हो ? लेकीन फिर भी कर्म फल का डर ?? होना चाहिए ?