#रिश्ता
एक रिश्ता है मेरा उस से,
कुछ अजनबी सा,कुछ खास सा,
मेरे लम्हों की गुज़ारिश है वो,
मेरे जीने की वजह में, हर दफा मेरे पास सा।
हर बारिश को वो बूंद है,
बिन बादल बरसात सा,
उन पेड़ो की वो छाव है,
सूखे में सवान की फुहार सा,
एक रिश्ता है मेरा उस से,
कुछ अजनबी सा ,कुछ खास सा ।।
भीड़ में एक दोस्त है वो मेरा,
जैसे उड़ते परिंदो की उड़ान सा,
रेशम की डोर सा है वो,
मेरे अनकहे दिल में मेहमान एक सा,
मेरे लम्हों कि गुज़ारिश है वो,
मेरे जीने की वजह में हर दफा मेरे पास सा।।