हजारों वर्ष पूर्व भारत का उदय हुआ था
देश हमारा सोने की चिड़िया कहलाता था
दुनिया के कोने कोने से दौड़े लुटेरे आये
बहुत संघर्ष किया तब हम स्वतंत्र हो पाए
आज़ादी का सही अर्थ हम न समझ सके
फिर आपस में फूट बढ़ी और हम लड़ पड़े
देश के दुश्मनों और गद्दारों ने मौका पाया
देश तोड़ने की साज़िश ने फिर सर उठाया
जागो शंखनाद कर मिल कर देश बचाओ
चलते चलते
#उदय