रहने दो ना हमें थोड़े से नादान
थोड़े से अनजान ....
इसी में तो असली जीवन का मजा है
थोड़े नादान है इसी में जीवन का मजा है
रहने दो ना हमें थोड़े से नादान ...
लोग समझते हैं हमें ना समझ
पर इससे हमें क्या फर्क पड़ता है..
रहने दो ना हमें थोड़े से नादान...
थोड़े से अनजान...
हम इस में ही खुश हैं।
बिंदु अनुराग