#पहलू इंसान का पूरा जीवन ही लगभग सिक्के के दो पहलू के समान है क्योंकि जीवन का हर सिर दूसरे से जुड़ा हुआ होता है और एक बिना दूजा हमेशा अधूरा होता है फिर चाहे वह जन्म हो या मृत्यु, स्त्री हो या पुरुष हो रिश्ते हो या जीवन हो या फिर दिन और रात सभी एक दूसरे के बिना अधूरे हैं।