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उसका मुझे बार बार देख मुस्कुराना
बिन कहे ही बहुत कुछ कह जाना
हां मुझे पसंद है
उसका बहाने से बार बार मेरी गली में आना
फिर घर आकर मुझसे मिलकर जाना
हां मुझे पसंद है
उसका बार बार रूठना
मेरा उसका मनाना
हां मुझे पसंद है
उसकी नादानियां,शैतानियां
चुप रह कर,मुझको जलाना
हां मुझे पसंद है
किसी बहाने से खेत में आना
फिर मुझे गले लगाना
हां मुझे पसंद है
उसका गले लगा कर मुझे चूमना
फिर धीरे से लव यू बोलना
हां मुझे पसंद है।