#काम
जीवन के दर्पण में अशाओं के तर्पण में नई उम्मीद के आंगन मे आदर का भाव जागाते हो घर खुशियों से महकाते हो, तुम बिन पीड़ा कटे नही शहनाई भी बजे नही
मेहमानो की आव भगत, भक्ति जगती भाव भगत हे !जाब तुम्हारी गाड़ी पर सब ,अपनी , यात्रा पूरी करते हैं तुम्हरा होना खोना तुम्हरा सब लगता एक समान ही हैं ,तुम, चिन्ता के साथी हो J से जीवन Oसे होना B से बेहतर परिणाम मिले , हो पास मेरे तुम जब तक भी तब तक मुझको सम्मान मिले.