एक अनपढ़ व्यक्ति का जीवन
उसी तरह बेकार है,
जैसे कुत्ते की पूँछ होती है,
जो ना उसके पीछे का भाग ढकती है,
ना ही उसे कीड़े-मकौड़ों के डंक से बचाती
है !!
ज्ञान गंगा
ब्रह्मदत्त
ज्ञान, वैभव और आनंद को बांटो,
वह अनेक गुना होकर वापस लौटेगा !!
ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़