कभी निकलो
कविताओं की पंक्तियों से बाहर
उस छ्द्म भेष से बाहर
जो बतौर प्रेमी तुम्हे
तुम्हारी मूर्खताओं और
विफलताओं से बचाता है
बिछड़ चुके साथी से मिलो
किसी व्यापारी की तरह
बताओ अपने नुकसान के बारे में
और बताओ
तुम हार नही मान रहे
नए व्यापार की योजना बना रहे
घृणा से बचना हो तो !!
#Expression