#हम .. 🇮🇳
न हम 15-करोड़ हैं, और न ही 100-करोड़..हम 135 -करोड़ हैं, और वो हैं जो इस इमेज में दिख रहा है..बाक़ी जो बचते हैं वो सिर्फ़ और सिर्फ़ धर्म और मज़हब के बनाये ढकोसले हैं जिन्हें राजनीति के लिये पाला जाता है..
मेरा ईश्वर न भगवा है और न हरा..वो केसरिया-सफ़ेद-हरे में बसता है, और सबसे ऊपर एक भारतीय, और उसके भी पहले एक इंसान होना सबसे अहम है..मेरे लिए लोगों को पसंद करने के मापदंड एकदम सरल हैं..आप क्या हैं, क्या करते हैं, के बजाय आप कितने प्रतिशत इंसान हैं, वो सबसे ज़्यादा अहम है. ❤️