आज शिवरात्रि है
महाकाल की रात्रि है।।
शिव शक्ति के मिलन की।
पावन पुनीत रात्रि है।
दुःख हरने सुख देने वाले।
औघड़ भोले भंडारी हैं।।
कालों के हैं महाकाल ।
करुणा के जो सागर हैं।।
विष को पीने वाले मेरे।
शिव शंकर की रात्रि है।।
आज शिवरात्रि है।
~✍️©निमिषा~